जानिए फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट में अंतर

जानिए फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट में अंतर – देश के युवाओं में सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने की एक अलग ही चाह होती है। जिसके लिए वह हाईस्कूल और इंटरमीडियट के बाद से ही तैयारी करना शुरू कर देते हैं। हालांकि सरकारी क्षेत्र में नौकरी करना आसान नहीं है। एक तो पहले इसके लिए जमकर पढ़ाई करनी होती है और उसके बाद अगर आप लिखित परीक्षा में पास हो गए, तो आपको साक्षात्कार भी देना होगा। इतना सब करने के बाद भी एक अहम पड़ाव है, जिसे अभ्यर्थियों को पार करना होता है।

हम जिस टेस्ट की बात कर रहे हैं, वो हैं- फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट। दरअसल मौजूदा समय में किसी भई नौकरी के लिए फिजिकल और मेडिकल टेस्ट देना भी अनिवार्य हो गया है। जिसमें एक मानक निर्धारित किया जाता है और अभ्यर्थियों को उसे पूरा भी करना होता है। हालांकि हर क्षेत्र की नौकरी के लिए यह मानक अलग-अलग होते हैं। जिसमें से सबसे ज्यादा कठिन सुरक्षा क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों के लिए होता है। ज्यादातर युवाओं ने इन दो टेस्टों के बारे में सुना तो है लेकिन वह इनमें शायद अंतर नहीं समझते हैं। ऐसे में आज हम आपको फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट के बीच अंतर और उसके बारें में सबकुछ बताने जा रहे हैं।

फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट एक दूसरे से अलग

आपको बता दें कि कोई भी नौकरी पाने के लिए आपको फिजिकल और मेडिकल टेस्ट से भी गुजरना होता है। यह दोनों टेस्ट एक दूसरे से अलग-अलग होते हैं। फिजिकल टेस्ट में जहां आपके शरीर की भौतिक बनावट जैसे- आपकी लंबाई, सीने की चौड़ाई के अलावा लंबी कूद, दौड़, गोला फेंक और पुशअप्स जैसी फिजिकल एक्टीविटी शामिल हैं, तो वहीं मेडिकल टेस्ट में आपके शरीर के अंगों के अंदर और बाहरी बनावट की जांच की जाती है। सबसे पहले हम आपको मेडिकल टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं।

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मेडिकल टेस्ट

किसी भी नौकरी में जाने से पहले आपका एक मेडिकल टेस्ट होता है, जो कि एक या एक से ज्यादा डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जाता है। इस टेस्ट में डॉक्टर निर्धारित मानकों के अनुसार आपके शरीर के अंदर व बाहरी अंगों की बनावट की जांच करता है। इसके जरिए ही वह आपको योग्य और अयोग्य घोषित करने का अधिकार रखते हैं। मेडिकल टेस्ट के दौरान किसी भी अभ्यर्थी की छाती, देखने की क्षमता, सुनने की क्षमता, अंधापन या कलर ब्लाइंडनेस के अलावा शारीरिक स्वास्थ्य और मसल्स की बनावट को भी देखा जाता है। यह सब सामान् होने पर ही आपको योग्य ठहराया जाएगा।

फिजिकल टेस्ट

फिजिकल टेस्ट मेडिकल टेस्ट से बिल्कुल अलग होता है। मेडिकल टेस्ट में जहां आपके शारीरिक स्वास्थ्य को देखा जाता है, तो वहीं फिजिकल टेस्ट में आपसे कुछ मानकों के अनुसार निर्धारित फिजिकल एक्टिविटी करवाई जाती हैं। जिसमें गोला फेंक, दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, पुशअप्स के अलावा कई तरह की एक्टिविटी करवाई जाती हैं। इसके अलावा जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह है अभ्यर्थी की लंबाई। इन सभी टेस्ट में पास होने पर ही अभ्यर्थी को योग्य घोषित किया जाता है। ऐसे में किसी भी अभ्यर्थी को, जो कि सरकारी क्षेत्र की नौकरी की तैयारी कर रहा है, उसे फिजिकल और मेडिकल टेस्ट में अंतर को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए और उसके अनुसार ही अपनी तैयारी करनी चाहिए।

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